कछुआ कौन सा और कैसे पालें, पूरी जानकारी

कछुआ कौन सा और कैसे पालें

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अगर आप घर में कछुआ पालना चाहते हैं तो सबसे पहले सवाल आता है कछुआ कौन सा और कैसे पालें क्योंकि माना ये जाता है कि कछुआ घर में पालना बहुत शुभ होता है इससे घर में सुख समृद्धि आती है और घर में गुड़ लक भी आता है।

यह बात तो धार्मिक दृष्टि से है और अगर हम पेट्स के रूप में भी अगर देखें तो कछुआ एक बहुत ही प्यारा पेट्स है और इसे आप आसानी से अपने घर में पाल सकते हैं लेकिन अगर आपने कछुआ घर में पालने का मन बना लिया है तो फिर आप ये पोस्ट पूरी पढ़ें, इसमें हम आपको बताएँगे कि आप कछुआ कौन सा और कैसे पालें ।

कछुआ कौन सा और कैसे पालें
कछुआ कौन सा और कैसे पालें

कछुआ कितने प्रकार का होता है

कछुआ कौन सा और कैसे पालें से पहले हमें कछुए के बारे में पूरी जानकारी हो तो बहुत अच्छा है तो आइये पहले हम कछुए कि प्रजाति के बारे में कुछ जानकारी ले लेते हैं जिससे हमें मालूम हो जाएगा कि कछुए कितने प्रकार के होते हैं और कौन से कछुए घर में पाले जा सकते हैं और कौन से कछुए हम घर में नहीं पाल सकते हैं। ये हैं कुछ कछुओं की प्रजातियां

  • Testudo ( genus )
  • Greek tortoise
  • Hermann’s tortoise
  • Kleinman’s tortoise
  • Marginated tortoise
  • Russian tortoise
  • Leopard tortoise
  • Spider tortoise
  • Flat-backed spider tortoise
  • Geometric tortoise
  • Serrated tortoise
  • Tent tortoise
  • Megalochelys atlas
  • Asian forest tortoise
  • Impressed tortoise
  • Pancake tortoise
  • Elongated tortoise
  • Forsten’s tortoise
  • Travancore tortoise
  • Homopus tortoise
  • Hesperotestudo tortoise
  • Desert tortoise
  • Texas tortoise
  • Bolson tortoise

घर में कौन सा कछुआ पालें

कछुआ कौन सा और कैसे पालें
कछुआ कौन सा और कैसे पालें

जैसा कि आपने पढ़ ही लिया है कि कछुए की कई प्रजातियां होती हैं इनमे से कुछ प्रजाति को ही आप घर में पाल सकते हैं हर प्रजाति को आप घर में नहीं पाल सकते हैं। कछुआ कौन सा और कैसे पालें वैसे अगर लाभ और पालने के लिए शुभ कछुए कि बात करें तो काला कछुआ घर में पालना शुभ माना गया है इसलिए अगर आपने घर में कछुआ पालने का मन बना ही लिया है तो आप काला कछुआ ही पालें इसे धन का प्रतीक माना गया है इसे कॅरियर में तरक्की के लिए भी शुभ माना गया है।


अगर आप किसी कारणवश घर में कछुआ नहीं पाल सकते हैं तो आप चांदी का कछुआ घर में रखें। चांदी का कछुआ व्यापार के लिए बहुत शुभ माना गया है तो वहीँ क्रिस्टल का कछुआ भी आप घर में रख सकते हैं इससे धन सम्बन्धी परेशानियां दूर होंगी और साथ ही साथ ये आपके घर में सुख शान्ति और घर में समृद्धि को बनाने में सहायक होता है।

कछुआ क्या खाता है

कछुआ कौन सा और कैसे पालें
कछुआ कौन सा और कैसे पालें

कछुआ शाकाहारी और सर्वाहारी दोनों ही प्रकार का होता है शाकाहारी कछुआ घास, पत्तेदार साग, और फूल खाते हैं लेकिन जो प्रजातियां कछुए कि सर्वाहारी होती हैं वे अपने आस-पास रहने वाले छोटे कीड़े मकोड़ों को भी चट कर जाते हैं अगर आप घर में कछुआ पाल रहे हैं तो सबसे बढ़िया आप बाज़ार में कई ब्रांड के इनके लिए तैयार फूड्स आते हैं वही आप इन्हें खिलाएं उनमे इनके विकास के लिए हर तत्वों की उचित मात्रा होती है, कछुआ कौन सा और कैसे पालें।

कछुआ कहाँ रहता है

कछुआ एक ऐसा प्राणी है जो जल और थल दोनों ही जगह आराम से रह लेता है लेकिन इनका आवास पानी के निकट ही होता है अपनी सुरक्षा के लिए यह ज्यादातर समय पानी में ही बिताना पसंद करते हैं यह आपको नदी तालाबों में मिल जाएंगे कछुआ पानी में ज्यादा सुरक्षित रह पाता है क्योकि अपने बचाव के लिए ये चलने की अपेक्षा पानी में बहुत तेजी से तैर लेता है।

वैसे अगर कछुओं के पाए जाने कि बात करें तो कछुए उत्तरी अमेरिका से लेकर दक्षिणी अमेरिका, अफ्रीका, मेडागास्कर, रेगिस्तान से लेकर शुष्क घास के मैदान, गीले और सदाबहार जंगलों और समुद्र से लेकर पहाड़ों तक पाए जाते हैं।

बहुत लम्बी उम्र तक जीते है कछुए

कछुआ एक ऐसा प्राणी है जो बहुत लम्बी उम्र तक जीता है वैसे तो कछुओं की एक सही उम्र बताना बहुत ही मुश्किल काम है क्योकि कछुओं में अलग-अलग प्रजाति के कछुए अलग-अलग उम्र रखते हैं। अगर हम औसत उम्र की बात करें तो कछुए 80 साल से 150 साल तक आराम से जीते हैं लेकिन कुछ कछुए २०० साल की उम्र भी पार कर जाते हैं लेकिन एक कछुआ 255 साल की उम्र में मरा था।

कितने अंडे देते हैं कछुए

कछुआ कौन सा और कैसे पालें
कछुआ कौन सा और कैसे पालें

अगर हम कछुए के अण्डों की बात करें तो कछुए सामान्यता 20 अंडे तक देते हैं तो वहीँ कुछ ऐसी प्रजातियां भी होती हैं जो केवल एक या दो अंडे ही देती हैं। इनके अण्डों से बच्चे निकलने में काफी लम्बा समय लग जाता है जो कि 100 दिन से 160 दिन तक होता है।


मादा कछुआ अपने अंडे देने के बाद उन्हें रेत या मिटटी से ढक देती हैं और ऐसे ही छोड़ देती हैं जब समय आने पर बच्चे बाहर निकलते हैं तो वह समय उनके जीवन के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है क्योंकि उनकी रक्षा के लिए मादा कछुआ उनके साथ नहीं होती और उन बच्चों को उस रेत या मिटटी से पानी तक का सफर अकेले अपने भाग्य पर तय करना होता है जो बच्चे भाग्यशाली होते हैं वह पानी तक का सफर पूरा कर लेते हैं लेकिन अधिकांश बच्चे सफर के बीच ही परभक्षियों का निवाला बन जाते हैं, कछुआ कौन सा और कैसे पालें।

कछुओं में नर और मादा की पहचान

कछुओं में नर और मादा की पहचान करना भी एक कठिन काम है इनमे इतनी ज्यादा समानताएं होती है कि आप आसानी से कछुओं में नर और मादा कि पहचान नहीं कर सकते हैं इसके लिए आपको बहुत बारीकी से उनका निरिक्षण करना होगा। इसके लिए आप कछुए कि पूंछ पर ध्यान दीजिये नर कछुए कि पूंछ बड़ी होती है जबकि मादा कछुए की पूंछ छोटी होती है इसी प्रकार कई सारी कछुओं कि प्रजाति में नर कछुओं कि गर्दन अधिक लम्बी होती है जबकि मादा कछुए कि गर्दन थोड़ी छोटी होती है। इसी प्रकार आप पंजों से भी नर और मादा कछुए की पहचान कर सकते हैं कुछ मादा कछुओं के पंजे नर कछुओं से लम्बे होते हैं।

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कछुओं के बारे में कुछ रोचक तथ्य

1- कछुए के ऊपर एक बहुत ही मज़बूत खोल होता है जोकि कछुए के लिए उसके जीवन की रक्षा उसके दुश्मनों से करता है लेकिन इसी खोल के कारण कछुआ सांस लेने के लिए अपनी छाती को फुला नहीं सकता है तो इसके लिए मांस-पेशियों का एक समूह कछुओं के अंदर होता है जो उन्हें सांस लेने में सहायता करता है।

2- हम आपको बता दें धरती पर कछुआ बहुत लम्बे समय से रह रहा है यहाँ तक कि जब धरती पर हम भी नहीं थे यानी मानव सभ्यता से भी पहले का धरती का वासी है कछुआ। कछुआ डायनासोर्स के समय में भी धरती पर मौजूद था।


3- अगर कछुए के दिमाग को इनके शरीर से हटाकर अलग कर दें तो भी उसके बिना कछुआ कई महीने तक जीवित रह सकता है।

4- अंतरिक्ष में जाने वाले जीवित प्राणियों में से एक कछुआ भी है सोवियत संघ द्वारा 1968 में दो कछुओं को और जानवरों के साथ अंतरिक्ष में भेजा गया था लेकिन जब वह लौटकर धरती पर आये तो उनका वजन 10 प्रतिशत तक काम हो गया था।

5- कछुए लम्बे समय तक अपनी सांस रोक कर रख सकते हैं और इसका फायदा इन्हें जब होता है जब ये किसी शिकारी से बचने के लिए अपने आपको अपने खोल के अंदर छिपा लेते हैं और जब ये बहार निकलते हैं तो इतनी लम्बी साँस छोड़ते हैं कि वह आप उनसे थोड़ा दूर से भी सुन सकते हैं।

6- अंटार्टिका को छोड़कर ये हर महादीप में पाए जाते हैं ।

7- एक कछुए कि समुद्री प्रजाति ऐसी भी है जो सिर्फ जहरीले जीवों को ही खाता है इस प्रजाति का नाम Hawksbill है।

8- कछुए कभी भी अपने खोल से बहार नहीं आ सकते हैं क्योंकि ये खोल उनके शरीर से जुड़ा होता है और कछुए की उम्र के साथ जैसे उसका शरीर बढ़ता है वैसे ही ये खोल भी बढ़ता जाता है।

9- कछुए धरती पर बहुत ज्यादा तेज़ नहीं दौड़ सकते हैं धरती पर ये एक घंटे में केवल १ से डेढ़ किमीमीटर का सफर तय कर सकता है।

10- यूँ तो कछुए मांसाहारी और शाकाहारी दोनों प्रकार के होते हैं लेकिन कुछ कछुए के बच्चे शुरू में तो कीड़े मकोड़े खा लेते हैं लेकिन बड़े होकर वह शाकाहारी बन जाते हैं।

11- कछुआ क्या खाता है ये उसके रहने के ऊपर निर्भर करता है अगर वह भूमि पर रहता है तो फल घास छोटे-मोटे कीड़े मकोड़े खाता है और अगर पानी में रहता है तो शाकाहारी कछुआ घास, फल, फूल, पत्ते खाता है और मांसाहारी कछुआ मछली, मेढक, घोंघे और कड़े खाता है।

12- हम कछुए के खोल के रंग को देखकर पता लगा सकते हैं कि कछुआ किस इलाके में रहता है और वहां का तापमान कैसा है क्योंकि जिन कछुओं के खोल का कलर हलके रंग का होता है वह गर्म स्थान में रहने वाले होते हैं और गहरे रंग के खोल वाले कछुए ठन्डे स्थान के रहने वाले होते हैं।

13- जिन प्राणियों का खून ठंडा होता है वह ज्यादा लम्बी उम्र तक जीते हैं इसलिए कछुओं की लम्बी उम्र का राज उनके खून का ठंडा होना भी हो सकता है।


14- कुछ कछुए बहुत बड़े भी होते हैं इनकी ऊंचाई 6 फिट तक हो सकती है और चौड़ाई 5 फिट और इनका वजन 400 kg तक हो सकता है ऐसी बड़े कछुए उषणकटिबंधीय दीपों में ही पाए जाते हैं।


15- गैलापागोस प्रजाति का कछुआ पक्षी तक का शिकार कर लेता है ये पक्षी को पकड़कर अपने खोल के नीचे रखकर अपने वजन से पक्षी को कुचल देता है।


16- कछुओं के देखने और सुनने की क्षमता बहुत ज्यादा होती है।


17- मेढक की तरह ही कछुए भी सर्दी में शीट निद्रा करते हैं और बिना कुछ खाये ये एक ही मुद्रा में कई महीने पड़े रहते हैं।


18- हर साल 23 मई को कछुआ दिवस मनाया जाता है


19- कछुए की पकड़ बहुत मज़बूत होती है अगर ये एक बार किसी चीज को मुहं से पकड़ लेते हैं तो आसानी से नहीं छुड़ाई जा सकती जबी इनके दांत नहीं होता हैं।


20- मादा कछुआ एक बार में 30 अंडे तक दे देती है और उन्हें वह गड्डा खोदकर स्थान बनती है फिर उन्हें रेत या मिट्टी से ढक देती है।


21- वैसे तो कछुए अक्सर शांत ही रहते हैं लेकिन प्रजनन काल के समय आप इनके फुफकारने की आवाज सुन सकते हैं।

Tortoise और Turtle में क्या अंतर है

Tortoise धरती पर रहना पसंद करते हैं, जो कछुए आपको जंगल में और नदी तालाबों से दूर दिखाई दें वह Tortoise हैं Tortoise ज्यादातर समय धरती पर रहते हैं और पानी की ज़रुरत पड़ने पर ही पानी के निकट जाते हैं जबकि इसके विपरीत Turtle पानी में रहना ही पसंद करते हैं और अपना ज्यादातर समय पानी के अंदर ही बिताते हैं केवल अंडे देने के लिए ही ये धरती पर ज्यादा समय के लिए आते हैं, कछुआ कौन सा और कैसे पालें।

तंत्र-मन्त्र के लिए कछुओं की तस्करी

तंत्र-मन्त्र के लिए कछुओं की तस्करी बहुत बड़े पैमाने पर की जाती है कहा ये जाता है कि तांत्रिक कछुओं पर विशेष मन्त्रों का उपयोग करके गड़े हुए धन का पता लगाते हैं और इसी धन के लालच में अंधे होकर लोग अपनी जान जोखिम में डालकर कछुओं के लिए खतरनाक तालाब और नदी कुओं में घुस जाते है। कई प्रजाति के कछुओं के पंजों में अलग-अलग गिनती में नाखून होते हैं किसी कछुए के 12 नाखून किसी के 18 तो किसी के २० और यही लोगों द्वारा कछुओं कि मौत का कारण भी बनते हैं

आज कछुए का जीवन मनुष्य के कारण खतरे में पड़ गया है कछुओं की लगभग 300 प्रजातियों में से 150 प्रजाति तो या तो लुप्त हो गयी हैं या लुप्त होने की कगार पर हैं इसका एक मुख्य कारण इसकी तस्करी है। एक तो मनुष्य इसका मांस कहने के लिए इन्हें मारता है और दुसरे धन के लिए जादू टोन में भी इनका बहुत इस्तेमाल किया जाता है जरूरत है हम धरती के प्यारे और मासूम जीव को बचाएं।

दोस्तों, आपको कछुआ कौन सा और कैसे पालें पोस्ट कैसी लगी हमें कमैंट्स के द्वारा ज़रूर बताएं और हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करना न भूलें। धन्य्वाद

Tortoise और Turtle में क्या अंतर है ?

ANS- Tortoise धरती पर रहता है और ज़रुरत पर ही पानी में जाता है जबकि Turtle पानी में रहता है और अंडे देने ही धरती पर आता है।

क्या कछुआ शाकाहारी होता है ?

ANS- कछुआ शाकाहारी और मांसाहारी दोनों ही प्रकार के होते हैं कुछ प्रजाति में इनके बच्चे शुरू में मांसाहारी होते हैं लेकिन बड़े होकर शाकाहारी बन जाते हैं।

मादा कछुआ कितने अंडे देती है ?

ANS- मादा कछुआ एक बार में ३० अंडे तक दे देती है लेकिन कुछ प्रजाति की मादा केवल एक या दो अंडे ही देती हैं।

मादा कछुआ अंडे कहाँ और कैसे देती है ?

ANS- मादा कछुआ अंडे देने के लिए धरती पर ही आती है और पहले वह एक गड्डा करती है और फिर उसमे अंडे देकर उसे रेत या मिट्टी से ढक देती है उसके बाद फिर वह पानी में चली जाती है।

कछुए के अंडे से कितने दिन में बच्चे निकलते हैं ?

ANS- कछुए के अंडे से ९० से १५० दिन में बच्चे निकलते हैं।

कछुए के कितने नाखून होते हैं ?

ANS- कछुए के १२,१८,और २० नाखून भी होते हैं।

घर में कौन सा कछुआ पालना चाहिए ?

ANS- घर में काला कछुआ पालना चाहिए इससे परिवार में सुख- शांति और समृद्धि बनी रहती है।

किस देश ने कछुए के जोड़े को अंतरिक्ष में भेजा था ?

ANS- सोवियत संघ ने कछुए के जोड़े को अंतरिक्ष में भेजा था ?

कछुए के मुंह में कितने दांत होते हैं ?

ANS- कछुए के मुंह में कोई भी दांत नहीं होता है।

कछुए कितनी उम्र तक जीते हैं ?

ANS- कछुए बहुत लम्बी उम्र तक जीते हैं वैसे तो कछुओं की उम्र ८० से १५० वर्षों तक की होती है लेकिन कुछ कछुए २५० वर्ष तक भी जी लेते हैं।

कछुआ दिवस कब मनाया जाता है ?

ANS- २३ मई को कछुआ दिवस मनाया जाता है।

कछुओं की कितनी प्रजाति हैं ?

ANS- कछुओं की लगभग ३०० प्रजाति हैं लेकिन आज १५० से ज्यादा प्रजाति या तो लुप्त हैं या लुप्त होने के कगार पर हैं।

कछुआ धरती पर कब से निवास कर रहा है ?

ANS- कछुआ धरती पर डायनासोर्स के काल से निवास कर रहा है।

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